उच्च वर्ग बौद्ध समाज द्वारा घोषणा

                  उच्च वर्ग बौद्ध समाज द्वारा घोषणा

      बुद्ध धर्म को मानने वाले सर्व साधारण जनता को सूचित करते हुये अति हर्ष होता है की 2560 वर्षो से चलते आ रहे बौद्ध धर्म का आज तक हिन्दू से पृथक बौद्ध का समाज नहीं बना है |
      ख़ुशी की बात यह है की जिस प्रकार इतिहास में पहली बार तथागत बुद्ध ने अपने भिक्षुओ का एक संघ बनाया उनकी व्यवस्था के लिए “संघ” के नियम बनाये और संघ के सदस्यों के सामने एक निश्चित आदर्श उपस्थित किया | संघ में मिलने के लिए कुछ नियम बनाये पर संघ के सदस्यों के सामने एक निश्चित आदर्श उपस्थित किया | संध में मिलने के लिए कुछ नियम बनाये गये है |
      इसी प्रकार इतिहास में पहली बार दी रजिस्टर्ड बुद्धिष्ट, सोसायटी आफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आयु. आर . एच. बौद्ध भिलाई वाले ने अपने सहयोगी लोगो के मदद से बिखरे हुये सम्पूर्ण भारत के स्वाभिमानी जिनका शासकीय, आर्धशासकीय लिखित रिकार्ड में धर्म, जाती व नाम बौद्ध लिखा है | ऐसे स्वाभिमानी बौद्धों को जहां पर बुद्ध का जन्म हुआ ऐसे बौधगया पट्ठपाद (भाद्रपद) पूर्णिमा के दिन में संगठित करके दिनांक 27 से 29 सितम्बर 2015 को प्रथम बौद्ध राष्ट्रीय अधिवेदन में सर्व सम्मती से उच्च वर्ग बौद्ध समाज के जीवन में नैतिक आचरण में सहायक हो |

उच्च वर्ग बौद्ध समाज कौन ?

जो व्यक्ति बौद्ध माता पिता से पैदा हुआ हो या विधिवत 22 प्रतिज्ञा का उच्चारण करके धर्मान्तरित दिक्षा लेकर अपना पर अपने परिवार का शासकीय, अर्ध, जाती लिखित रिकार्ड धर्म, जाती व नाम बौद्ध लिखा एक ऐसा व्यक्ति बौद्ध होगा 
और ऐसे लोगो का समूह उच्च वर्ग बौद्ध समाज कहलाया |

उच्च वर्ग बौद्ध समाज की पहचान  ?

उच्च वर्ग बौद्ध समाज की पहली पहचान उसके “बौद्ध न से जोती है” उसके नाम के साथ किसी भी प्रकार का जाती सूचक गोत्र या सरनेम नहीं लिखा होता है |सिर्फ बौद्ध ही लिखा होता है | उच्च वर्ग बौद्ध समज के लोगो के आचार विचार करने की पद्धति से, उच्च वर्ग बौद्ध समाज के व्यक्ति की पहचान होती है |

सूचना:- किसी भी मति धर्म के लोगो को उच्च वर्ग समाज में मिलने के लिए हमेशा स्वतंत्रता होगी, तथा समाज में में शामिल होने के लिए निम्नलिखित शर्त होगी |
1.    बुद्धिष्ट  डाँ बाबा साहेब आम्बेडकर द्वारा दी गई 22 प्रतिज्ञा का उच्चारण करके विधिवत धर्मानतरित दिक्षा लेकर अपना जाती सूचक गोत्र या सरनेम का नामान्तरण करके अपना और आपने परिवार का शासकीय और अर्घशासकीय लिखित रिकार्ड में धर्म, जाति व नाम बौद्ध लिखा होगा उस व्यक्ति को उच्च वर्ग बौद्ध समज में मिलाया जायेगा |

    बिसाहू लाल बौद्ध 9826141681, हिरेन्द्र बौद्ध 7509963472, 

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