बुद्ध को ही वासुदेव कहा गया है।  यानि धरती के देव !
बुद्ध की उंगली ऊपर की गई मुद्रा में बहुत कुछ अर्थ छिपा हुआ है।
बुद्ध ही योगेश्वर है।
बुद्ध के प्रतिमा की नकल तो ब्राम्हणो ने की मगर सच एक ना एक दिन सामने आना ही था।



Comments

Popular Posts