सिद्धार्थ गौतम बुद्धत्वा, ज्ञान प्राप्ति के बाद उनको अनेक अनगिनत नाम प्राप्त हुए है जो किसी को मिला ही नहीं, केवल बुद्ध को ही मिला है "गुणवाचक" नाम ।
जैसे --
#दसबलधारिं = (दश वर्ग की हाथियों का दशगुणा बलधारक) बुद्ध को कहते है बुद्ध को प्राप्त हुआ नाम है।
#महाकारूणीकं = (महाकारूणिक, महाकरूणा, महादयावान और (सभी प्राणियों के प्रति प्रेम दया करने वाले) बुद्ध है।
#आसाधारणाज्ञाणं = (असाधारण ज्ञानी)
#अनन्तज्ञाणं = (अनन्त ज्ञानी)
#अरियगुणवन्तं = (आर्य गुण से युक्त)
#महागुणवन्तं = (महान गुणवान)
#वन्दनेय्याभिवन्दनीयं = (वन्दनीयों से वन्दनीय है)
#पूजनेय्याभिपूजनीयं = (पूजनीयों से पूजनीय है)
#दक्खिणारहं = (दक्षीणा पाने को योग्य है)
#लोकनाथं = (लोकनाथ, जगन्नाथ, सारे जगहों का मालिक है "बुद्ध")
#सब्बञ्ञुं = (सर्वज्ञता, सर्वज्ञानी, सर्वश्रेष्ठ है)
#सब्बदस्साविं = (सर्वदर्शी )
#धम्मराजं = (धर्म के राजा)
#धम्मस्सामिं = (धर्म की स्वामि)
#अनन्तपुञ्ञवन्तं = (अपार पुण्यवान)
#समन्तचक्खुं = (समन्त चक्षुधारी)
#दिपदुत्तमं भगवन्तं = (मनुष्यों से उत्तम भाग्गवान,भगवान है)
#सम्मासम्बुद्धं अनुस्सरामि = ( सम्यकसम्बुद्ध को याद करता हूं)
#सम्मासम्बुद्धं तं सिरसा नमामि = (वह सम्यकसम्बुद्ध को शीर्ष प्रणाम करता हूं )
ऐसे होते है बुद्ध की अनन्त सदगुणों से परिपूर्ण अनगिनत नाम प्राप्त हुए है ।
"बुद्ध शासन की चिरस्थायी हो"
#Pannyaloka Bhadant
जैसे --
#दसबलधारिं = (दश वर्ग की हाथियों का दशगुणा बलधारक) बुद्ध को कहते है बुद्ध को प्राप्त हुआ नाम है।
#महाकारूणीकं = (महाकारूणिक, महाकरूणा, महादयावान और (सभी प्राणियों के प्रति प्रेम दया करने वाले) बुद्ध है।
#आसाधारणाज्ञाणं = (असाधारण ज्ञानी)
#अनन्तज्ञाणं = (अनन्त ज्ञानी)
#अरियगुणवन्तं = (आर्य गुण से युक्त)
#महागुणवन्तं = (महान गुणवान)
#वन्दनेय्याभिवन्दनीयं = (वन्दनीयों से वन्दनीय है)
#पूजनेय्याभिपूजनीयं = (पूजनीयों से पूजनीय है)
#दक्खिणारहं = (दक्षीणा पाने को योग्य है)
#लोकनाथं = (लोकनाथ, जगन्नाथ, सारे जगहों का मालिक है "बुद्ध")
#सब्बञ्ञुं = (सर्वज्ञता, सर्वज्ञानी, सर्वश्रेष्ठ है)
#सब्बदस्साविं = (सर्वदर्शी )
#धम्मराजं = (धर्म के राजा)
#धम्मस्सामिं = (धर्म की स्वामि)
#अनन्तपुञ्ञवन्तं = (अपार पुण्यवान)
#समन्तचक्खुं = (समन्त चक्षुधारी)
#दिपदुत्तमं भगवन्तं = (मनुष्यों से उत्तम भाग्गवान,भगवान है)
#सम्मासम्बुद्धं अनुस्सरामि = ( सम्यकसम्बुद्ध को याद करता हूं)
#सम्मासम्बुद्धं तं सिरसा नमामि = (वह सम्यकसम्बुद्ध को शीर्ष प्रणाम करता हूं )
ऐसे होते है बुद्ध की अनन्त सदगुणों से परिपूर्ण अनगिनत नाम प्राप्त हुए है ।
"बुद्ध शासन की चिरस्थायी हो"
#Pannyaloka Bhadant
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