जिस हड़प्पा सभ्यता का केंद्र पंजाब तथा सिंध था, उसी पंजाब तथा सिंध के इलाके से 518 ई. पू. में ईरान के हखामनी साम्राज्य को सालाना 360 टैलेंट सोना ( Gold ) बतौर राजस्व जाता था।

360 टैलेंट सोना का मतलब 8300 किलो सोना या कहिए 8.3 टन सालाना !!!

यह आँकड़ा इतिहास के पिता ( द फादर आॅफ हिस्ट्री ) हेरोडोटस ने दिए हैं।

जब 1500 ई. पू. में हड़प्पा सभ्यता नेस्तनाबूद हो गई, तब फिर वो कौन - सी सभ्यता थी, जिसके खजाने में इतनी बेहिसाब समृद्धि थी?

स्ट्रैबो ने लिखा है कि सिकंदर के जमाने में झेलम से चिनाब नदी के बीच 300 नगर थे और झेलम से ब्यास नदी के बीच 9 राष्ट्र तथा 500 नगर थे।

जब 1500 ई. पू. में हड़प्पा सभ्यता के नगर उजाड़ दिए गए, तब फिर वो कौन - सी सभ्यता थी, जिसके पास इतने नगरों की रौनक थी?

हेरोडोटस ने लिखा है कि हखामनी साम्राज्य के पूरे प्रांतों में पंजाब तथा सिंध का इलाका जनसंख्या के मामले में सर्वाधिक गुलजार था।

जब 1500 ई. पू. में सिंधु घाटी की आबादी का नरसंहार हो गया, तब वो कौन - सी सभ्यता थी, जिसकी आबादी इतनी सघन थी?

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