जैसे गौतम बुद्ध का एक नाम दसबल ( दशबल ) था, वैसे एक नाम अठभुजा सामी ( अष्टभुजा स्वामी ) भी था।
बुद्ध का अठभुजा सामी नाम संभवतः धम्म चक्र की आठ भुजाओं के आधार पर था।
इसकी पुष्टि नागार्जुनकोंडा से प्राप्त इस शंख अभिलेख से होती है।
अभिलेख में लिखा है - भगवतो अठभुजा सामीसा। बगल में धम्म चक्र ( आठ भुजा ) का सजावट है।
अभिलेख का लेखन ब्राह्मी लिपि की इक्ष्वाकु शैली में है। अतः इसका समय 3 री - 4 थी सदी है।
बुद्ध का अठभुजा सामी नाम संभवतः धम्म चक्र की आठ भुजाओं के आधार पर था।
इसकी पुष्टि नागार्जुनकोंडा से प्राप्त इस शंख अभिलेख से होती है।
अभिलेख में लिखा है - भगवतो अठभुजा सामीसा। बगल में धम्म चक्र ( आठ भुजा ) का सजावट है।
अभिलेख का लेखन ब्राह्मी लिपि की इक्ष्वाकु शैली में है। अतः इसका समय 3 री - 4 थी सदी है।


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