प्रश्न : और अगर मैं केवल आपको ही सुन रहा हूं ???
उत्तर :-
अगर तुम सिर्फ केवल मुझे सुन रहे हो, सिर्फ केवल मुझे सुन रहे हो और साथ में तुम्हें पंखे की आवाज, और सड़क की कार का हाॅर्न नहीं सुनाई पड़ रहा, तो एकाग्रता हो गई।
तब वह मूच्र्छा है।
और तब तुम मुझसे हिप्नोटाइज्ड हो जाओगे। तब तुम मुझे समझोगे कम, प्रभावित ज्यादा होओगे। और जो जितना कम समझता है उतना ज्यादा प्रभावित होता है, यह ध्यान रखना।
क्यों ???
प्रभावित होने के नियम अलग हैं, समझने के नियम बहुत अलग हैं।
अगर तुम्हें कुछ भी सुनाई नहीं पड़ रहा, सिर्फ मुझे ही सुन रहे हो, तुम्हारी पूरी चेतना का फोकस मुझ पर रुक गया--तो तुम बेहोश हो जाओगे।
तुम हिप्नोटाइज्ड हो जाओगे।
तब तुम्हें जो भी मैं कहूंगाः वह ठीक ही लगेगा, और प्रवेश कर जाएगा। क्योंकि तुम मूच्र्छित हो। यह तो एकाग्रता हुई।
उत्तर :-
अगर तुम सिर्फ केवल मुझे सुन रहे हो, सिर्फ केवल मुझे सुन रहे हो और साथ में तुम्हें पंखे की आवाज, और सड़क की कार का हाॅर्न नहीं सुनाई पड़ रहा, तो एकाग्रता हो गई।
तब वह मूच्र्छा है।
और तब तुम मुझसे हिप्नोटाइज्ड हो जाओगे। तब तुम मुझे समझोगे कम, प्रभावित ज्यादा होओगे। और जो जितना कम समझता है उतना ज्यादा प्रभावित होता है, यह ध्यान रखना।
क्यों ???
प्रभावित होने के नियम अलग हैं, समझने के नियम बहुत अलग हैं।
अगर तुम्हें कुछ भी सुनाई नहीं पड़ रहा, सिर्फ मुझे ही सुन रहे हो, तुम्हारी पूरी चेतना का फोकस मुझ पर रुक गया--तो तुम बेहोश हो जाओगे।
तुम हिप्नोटाइज्ड हो जाओगे।
तब तुम्हें जो भी मैं कहूंगाः वह ठीक ही लगेगा, और प्रवेश कर जाएगा। क्योंकि तुम मूच्र्छित हो। यह तो एकाग्रता हुई।
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