👉 "बुद्ध" और "बौद्ध" 👈
"बुद्ध" और "बौद्ध" शब्दों के अर्थ- क्या है?
बुद्ध किसे कहते हैं?
बुद्ध नाम बोधि प्राप्ति के बाद ज्ञान प्राप्त व्यक्ति के लिए लिया जाता है।
"न मातरा कतम, न पितरा कतम विमोक्खन्ति एतं बुद्धानं भगवन्तान बोधिया मूले.... पञ्ञत्ति।"
- न माता ने, न पिता ने यह नाम उनको दिया बल्कि विमोक्ष जो भगवान ने बोधि वृक्ष मूल में ज्ञान प्राप्त पुरुष- होने के कारण कहा गया।
बुद्ध असामान्य मानवी होते है। जैसे मानव इस धरती पर चलते-फिरते साधारण काम-काज करते है और अपने बाल बच्चों को पालते पोसते दिखाई देते है, वैसे बुद्ध नहीं होते है। हम उन्हें देवता भी नहीं कह सकते, क्योंकि देवताओं में राग-द्वेष, सुख- विलास होता है। बुद्ध राग-द्वेष और विलासिता से विमुक्त होते है। सम्पूर्ण मानवीय दुर्बलताओं और असंगतियों को समूच्छेद करने और सर्वोत्तम ज्ञान प्राप्ति के कारण बुद्ध को "बुद्ध" ही कह सकते है।
बौद्ध किसे कहते हैं?
भगवान बुद्ध को ज्येष्ठ और श्रेष्ठतम शास्ता के रूप में जो मानते हैं एवं बुद्ध के द्वारा बताए गए सिद्धांतों पर चलने का प्रयास करते है, वे बौद्ध कहलाते हैं। बौद्ध वहीं है जो शील, समाधि और प्रज्ञा के मार्ग पर चलते है और मानव-मानव में उंच-नीच का भेद भाव नहीं रखते है। सभी मनुष्य एक समान है और समानता का व्यवहार करते है।
नमो बुद्धाय
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