#सुख #तनाव #दुश्मन #शत्रु #mip
||सुख और दुःख दोनों तनाव है इसलिए दोनों रुग्ण कर जाते है||
||आनंद नी कोई तनाव नहीं है||
(सं: स्वामी योग निशब्द)
🌸🌴🌸🌴🌸🌴🌸🌴🌸
सुख भी एक तनाव है मन पर, जिसे हम पसंद करते हैं।
दुख भी एक तनाव है मन पर, जिसे हम पसंद नहीं करते।
सुख का तनाव भी आदमी को रुग्ण कर जाता है, दुख का तनाव भी रुग्ण कर जाता है। क्योंकि दोनों ही मनुष्य को बोझ से भर देते हैं। आनंद अतनाव है, तनावरहित अवस्था है, उत्तेजनाशून्य है, न वहा दुख है, न वहा सुख है।
फर्क समझ लें, प्रियजन से मिलने में सुख है,अप्रियजन से बिछुड़ने में सुख है।
प्रियजन से बिछुड़ने में दुख है, अप्रियजन से मिलने में दुख है। आनंद कब होगा?
जहां कोई भी नहीं बचता और सिर्फ मैं ही बच रहता हूं सिर्फ चेतना ही बच रहती है। न किसी से मिलना और न किसी से बिछुड़ना।
जहां स्वभाव में थिरता आ जाती है, वहां आनंद है।
||सुख और दुःख दोनों तनाव है इसलिए दोनों रुग्ण कर जाते है||
||आनंद नी कोई तनाव नहीं है||
(सं: स्वामी योग निशब्द)
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सुख भी एक तनाव है मन पर, जिसे हम पसंद करते हैं।
दुख भी एक तनाव है मन पर, जिसे हम पसंद नहीं करते।
सुख का तनाव भी आदमी को रुग्ण कर जाता है, दुख का तनाव भी रुग्ण कर जाता है। क्योंकि दोनों ही मनुष्य को बोझ से भर देते हैं। आनंद अतनाव है, तनावरहित अवस्था है, उत्तेजनाशून्य है, न वहा दुख है, न वहा सुख है।
फर्क समझ लें, प्रियजन से मिलने में सुख है,अप्रियजन से बिछुड़ने में सुख है।
प्रियजन से बिछुड़ने में दुख है, अप्रियजन से मिलने में दुख है। आनंद कब होगा?
जहां कोई भी नहीं बचता और सिर्फ मैं ही बच रहता हूं सिर्फ चेतना ही बच रहती है। न किसी से मिलना और न किसी से बिछुड़ना।
जहां स्वभाव में थिरता आ जाती है, वहां आनंद है।
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