[01/03, 10:01 am] Hirendra Bauddha: पुर्ण परिवर्तन लेख नं 8

बुद्ध , धम्म , बौद्ध संघ की सदस्यता

सभी मैत्रीयो को सुचित किया जा रहा है। कि वर्तमान में बहुत सारे मैत्रीयो  ने बौद्ध धम्म को अंगीकार किया हुआ है। लेकिन सरकारी कागजातों में सरनेम नामांतरण और धम्मान्तरण नही किया है।
अभी तक उनको जानकारी नही है। ऐसे सदस्य सामाजिक तौर पर बौद्ध धम्म स्वीकार कर चुके हैं। लेकिन उनको बौद्ध समुदाय/ समाज की जानकारी नही है। अतः सामाजिक सरनेम नामांतरण और धर्मान्तरण में समस्या उत्पन्न हो रही है। बौद्ध समाज का निर्माण अभी तक किसी भी संस्था ने संवैधानिक तरीके से नही किया है। अतः जो सदस्य बौद्ध समाज में सम्मिलित होना चाहते हैं।
ऐसे सदस्यों को संवैधानिक जानकारी देने हेतु ""धम्म प्रचारक"" नाम से गुरुप बनाया है। इस गुरुप  / संस्था की नियमावली निम्न प्रकार से है। जिसका जिम्मेदार स्वम सदस्य होंगा।
1 राजनीतिक, धार्मिक, फेंक समाचार, आदि पोस्ट न करें।
 2 बुद्ध धम्म की जानकारी समय समय पर दी जाएगी। अतः गुरुप में  बुद्ध धम्म के अलावा किसी भी तरह की पोस्ट न करें।
 3 अगर आप को कागजी कार्यवाही में अड़चन आ रही हैं। किसी कारण नही बना पा रहे है। ऐसे सदस्यों को बौद्ध समाज की कानुनी तौर से 100 रुपए के शपथ पत्र नोटेरी करवा कर दे  सकते हैं। इसमें संस्था के नियम होंगे। जिसकी आपको पालना करनी होगी। और इस शपथ पत्र के आधार पर शासन /प्रशासन को सुचित किया जाएगा।
4 हम पुर्व व्यवस्था को खत्म करते हुए बुद्ध की शरण में आ रहे है। बुद्ध धम्म में जातियां नही है। धम्म में हमारी पहचान जाति धम्म समुदाय वर्ग वर्ण व्यवस्था से बौद्ध होंगे।
5 हम बौद्ध होने के बाद हमारी राष्ट्रीय पहचान उपजाति से बौद्ध , जाति से बौद्ध , वर्ग/वर्ण से उच्च वर्ग , संवैधानिक दृष्टि से अल्पसंख्यक/ सामान्य होगी।
 6 महाकारुणिक बुद्ध के उपासक संघ / भिखू संघ की  "  सामाजिक पहचान उच्च वर्ग बौद्ध "" बौद्ध समाज होगी। इसकेे भन्ते ,श्रमण, थैरा, महाथेरा, स्थीवर सहित सभी सदस्य रजिस्टर्ड बौद्ध होंगे।
7 उपासक संघ और भिखू संघ में अंतर जो कि बौधिसत्व बाबासाहेब एवं भगवान बुद्ध के साहित्य में बताया गया है। वहीं होगा। 
 8 बौद्ध बुद्ध धम्म के प्रचार-प्रसार हेतु अपने क्षेत्र में आप  कम से कम एक साल में 3 दिन का कार्यक्रम रखेंगे। जिसमें अपने मैत्रीयो को जौडकर , स्थानीय स्तर पर बौद्ध समाज की संख्या में वृद्धि कर सकते हैं।
9 हमें किसी भी धर्म समुदाय वर्ग की आलोचना नही करनी है। इससे भारतीय गरीमा को ठेस पहुंचती है। हम  बुद्ध की शरण में आ गए हैं। अब बुद्ध ही हमारे शास्ता है। उनके विचार ही धम्म के नियम, आचरण,शील मैत्रीय, जीवनशैली है। यही बौद्ध धम्म की संस्कृति,सम्पदा है।
अच्छे कर्म से , मैत्रीय से हम सभी का मन जीत सकते हैं।
10 हमारे मार्गदाताओ , महापुरुषों,धम्मिक गुरुओ का हम हमेशा आदर सम्मान करेंगे। लेकिन स्वादु , स्वार्थी , धम्म के विरुद्ध विचारधारा रखने वाले चीवरधारीयो  सम्मान नही करेंगे।
11 बौद्ध समाज में अमीर-गरीब की व्यवस्था नही है। मैत्रीयता , बंधुत्वता, भाईचारा, सामाजिक समानता, स्वतंत्रता, रिश्ता  धम्म की मधुर पहचान होगी।
12 बौद्ध धम्म मे बह्यय आडंबर, देहज प्रथा , मृत्यु भौज , चुड़ी जामणा आदि पर प्रतिबंध है।
13 शादी समारोह, मंगल कारज आदि मे बौद्धिक सदस्यों   को बौद्ध संस्कृति की पौशाक पहनना अनिवार्य है।
14 प्रत्येक धम्मिक कारज को संस्था से रजिस्टर्ड श्रमण, उपासक से ही सम्पादित करवाया जायेगा।

कवि/ लेखक
रामलाल बौद्ध धम्म प्रचारक
नोट :--
1 यह पोस्ट रजिस्टर्ड है। कृपया मुलरुप ही प्रचार करें।
2 बौद्ध समाज का निर्माण बौधिसत्वो का मिशन है।
3 जो सदस्य बौद्ध बन चुके हैं। या बनने चाहते हैं। वहीं जुड़े।
4 पोस्ट को पुरी पढ़ें । उसके बाद ही रामलाल बौद्ध कोटा राजस्थान के वाट्स अप नं +918302329293 या +918619309744 पर अपनी सदस्यता दर्ज करा सकते हैं।
5 फेसबुक पर पोस्ट को शेयर कर सकते हैं। लेकिन सदस्यता के लिए फेसबुक पर पोस्ट नही करेंगे। पोस्ट में वाट्स अप मोबाइल नं पर ही सदस्यता के लिए पोस्ट करेंगे।







[01/03, 10:02 am] Hirendra Bauddha:
बौद्ध परिचय नियमावली और बौद्ध परिचय फार्म
सभी बौद्ध मैत्रीयो को नमो बुद्धाय
 सभी बौद्ध मैत्रीयो को सुचित किया जा रहा है। कि भारतीय बौद्धों का ई नेट बौद्ध परिचय पत्रिका का प्रकाशन किया जा रहा है।
अतः प्रकाशन से पूर्व बौद्ध परिचय हेतु कुछ नियम शर्तें निम्न प्रकार से हैं।
1 ऐसे सदस्य जो भारतीय बौद्ध हो।
2 ऐसे सदस्य जो जाति रहित हो । राज्य/ भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार बौद्ध अल्पसंख्यक समुदाय वर्ग में आते हो। बौद्ध अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र पोस्ट करें
3 ऐसे सदस्य जिन्हें राज्य सरकार द्वारा बौद्ध धम्म की बौद्ध जाति में शामिल किया गया हो। बौद्ध जाति प्रमाण पत्र करें।
4 जन्म से बौद्ध यानी की बौद्ध मात-पिता से जन्मे हो। ऐसे सदस्य बौद्ध सामान्य होते है‌ अतः शिक्षा प्रमाण पत्र मे सामान्य बौद्ध टी सी पोस्ट करें।
5 ऐसे सदस्य जिन्होंने बौद्ध धम्म अंगीकार किया है। ऐसे सदस्य जिला प्रशासन के द्वारा बौद्ध होने का शपथ पत्र पोस्ट करें।
6 ऐसे सदस्य जिन्होंने बौद्ध अंगीकार किया है। ऐसे सदस्य राज्य/ भारत सरकार के राज पत्र में बौद्ध सरनेम और बौद्ध धम्म अंगीकार करने की अधिसूचना जारी करवा रखी है। ऐसे सदस्य अधिसूचना पत्र की प्रति पोस्ट करें।
7 ऐसे सदस्य जिन्होंने जिला प्रशासन द्वारा आधार कार्ड, मतदाता कार्ड,बैंक पास बुक, जन्म प्रमाणपत्र, बौद्ध अल्पसंख्यक समुदाय प्रमाण-पत्र  आदि में सरनेम बौद्ध नामांतरण और धर्मान्तरण किया हो।
8 ऐसे सदस्य जो गौतम ,शाक्य, मौर्य, कोलिय, कुशवाह ,अम्बैडकर  सहित अन्य सदस्य राज्य/भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार बौद्ध अल्पसंख्यक वर्ग में प्रमाणित होना आवश्यक है।
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ऐसे सदस्य अमान्य है। इनका बौद्ध पत्रिका में परिचय प्रकाशित नही किया जायेगा। नियम निम्न प्रकार से हैं।
1 भारत सरकार द्वारा अधिसूचना 12016/90 जाति सहित धर्म अनुसूचित जाति जनजाति और ओबीसी के सदस्य बौद्ध लिख सकते हैं।
2 ऐसे सदस्य जिन्होंने किसी भन्ते या बौद्ध धम्म गुरु से धम्म दीक्षा-शिक्षा प्राप्त कर रखी है। लेकिन प्रशासनिक/ बौद्धिक नियमों तहत जाति व्यवस्था का त्याग नही किया है।
3 ---------------- बुद्ध और उनका धम्म ----------------------
 *संघ( बौद्ध) में प्रवेश:- संघ (बौद्ध) में प्रवेश के लिए द्वार खुले थे।
*
 1 संघ का प्रवेश  सभी के लिए खुला था 2 जाति पाती का कोई बंधन नहीं था 3 लिंग का कोई भेद नहीं था । 4 हैसियत जैसी कोई बाधा नहीं थी। 5 जातिवाद के लिए संघ में कोई स्थान नहीं था। 6 सामाजिक हैसियत का संघ में कोई स्थान नहीं था। 7 संघ में सभी एक समान थे।
8 संघ में सदस्य का दर्जा जन्म से नहीं बल्कि गुणों से निश्चित होता था
9 जैसा तथागत ने कहा था संघ एक समुद्र के समान है और भी को उन नदियों के समान है जो समुद्र में विलीन हो जाती है
10  नदी का अपना अलग नाम होता है और अपना अलग अस्तित्व होता है
11 लेकिन जैसे ही नदी समुद्र में प्रवेश करती है उसका न कोई पृथक ही नाम रह जाता है और न पृथक अस्तित्व।
12  उसके साथ मिलकर वह एक हो जाती है
13 संघ के संबंध में भी यही बात है जब एक भिखू संघ में प्रवेश करता है तो वह समुद्र के जल की तरह अन्य के साथ मिलकर एक हो जाता है
14 तथागत ने कहा , उसकी कोई जाति नहीं रही उसकी कोई पृथक हैसियत नहीं रही ।
बुद्ध और उनका धम्म पेज नं 359-60
बौधिसत्वो ने धम्म को कभी निम्न नही माना। क्योंकि बुद्ध ही धम्म है। और धम्म ही बुद्ध है।
क्योंकि बुद्ध ने धम्म को जातिवाद से मुक्त रखा। सभी के लिए सामाजिक समानता,बन्धुता , भाईचारा, मैत्रीय से बौद्धों के बौद्ध    रुपी समुद्र की तरह पहचान बताई।
मैरी नजर मे समुद्र रुपी बौद्ध सबसे उच्च वर्ग में आते हैं।
क्योंकि हमारी शब्दावली में निम्न भाव नही है। वर्तमान में जो मानव अपने आप को हीन मानते हैं। वो कायर से ज्यादा कायर है। अपनी इस कायरता त्याग करना चाहिए।
बुद्ध, धम्म ,संघ उपजाति, जाति, वर्ग , वर्ण व्यवस्था से मुक्त है। इससे बड़ा कोई उच्च वर्ग बौद्ध समाज नही हो सकता।
और जो बुद्ध , धम्म, संघ में प्रवेश कर चुका है। फिर भी अपने आप को उच्च नही मानता , तो इससे मुक्ति पा सकता है।
नोट:--- 1 यह विचार बुद्ध और उनका धम्म पेज नं 359-60 का विश्लेषण है। 2 जो बुद्ध, धम्म, संघ में प्रवेश होने के बाद भी जातिवाद से मुक्त नही हुआ। वह सबसे ज्यादा निम्न, कायर है। ऐसा मेरा मानना है। 3 मैंने निम्न शब्द को मजबूर होकर पहली बार प्रयोग किया है। जो कि अभी तक मेरी शब्दावली में नही था अपने उच्च विचार से सभी उच्च बने। यही मेरी सोच है।
---
भारत में बौद्ध समाज का निर्माण हो चुका है। अतः उपरोक्त नियमावली के अनुसार बौद्ध समाज के सदस्यों का बौद्ध परिचय पत्रिका का प्रकाशन किया जा रहा है। अपना बायोडाटा रामलाल बौद्ध कोटा राजस्थान के वाट्स अप नं +918619309744 या +918302329293 पर शीघ्र पोस्ट करे।

बौद्ध परिचय पत्रिका

बौद्ध परिवार परिचय
1 नाम ------------------------------ ------

2पिता/पति -------------------- ----------------------

3 उम्र /जन्म तिथि -----------------

4 पता  मकान नं ----------
शहर/गांव ------------------ ----------------------------------
गली/ मोहल्ला --------------- तहसील ----------- ----------
जिला ------------------------- राज्य ---------------------------
पिन कोड ---------------------

5  मौबाइल नं /टेलीफोन ---------

 6 जी मेल आईडी -----------------

7 बौद्ध परिवार परिचय

पत्नि  ----------------- उम्र------- शिक्षा------ व्यवसाय --------

पुत्र ----------------- उम्र------- शिक्षा------ व्यवसाय --------

पुत्री --------- उम्र------- शिक्षा ------ व्यवसाय ---------------

8 मैं यह घोषणा करता/करती हूं। कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी सही है। तथा साक्ष्य हेतु गवाह/ सरकारी/अर्धसरकारी कागजातों की प्रतियां/पक्षकार संलग्न कर रहा हूं। भारत/राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार बौद्ध समाज सामान्य/ अल्पसंख्यक समुदाय वर्ग मे अधिसूचित हूं। अतः बौद्ध परिचय पत्रिका मे अपना परिचय प्रकाशित करवाना चाहता /चाहती हूं। मेरे द्वारा दी गई समस्त जानकारी सत्य है। असत्यता पर समस्त जिम्मेदारी स्वय की होगी।

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